किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों पर डोटासरा का पलटवार, बोले- जांच करानी है तो मुख्यमंत्री को लिखें पत्र

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Dotasara hits back at Kirodi Lal Meena's allegations

Dotasara hits back at Kirodi Lal Meena's allegations, राजस्थान में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच जुबानी जंग जारी है. किरोड़ी लाल के आरोपों पर बुधवार को डोटासरा ने पलटवार किया है. गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि आप अपने विभाग की जांच के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखिए, मैं सब जांच के लिए तैयार हूं. उस पर स्पष्टीकरण पहले ही आरपीएससी दे चुका हूं. आप मुख्यमंत्री को ही धमका रहे हो. इससे आपकी कमजोरी साबित होती है. डोटासरा ने किरोड़ीलाल मीणा के आरोपों पर कहा कि चोर कोतवाल को डांटे, तो ये बात स्वीकार नहीं हो सकती. मंत्री जी ने खुद ने स्वीकार किया कि मुझको इनपुट देने वाले लोग, मेरे पीछे से चोरी कर रहे थे और 2.43 करोड़ रुपए के साथ पकड़ गए हैं. ये इनकी सरकार ने ही पकड़े हैं, मैंने नहीं पकड़े.

बीज निगम रिश्वतकांड पर किरोड़ी को घेरा

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि 2 करोड़ 43 लाख रुपये पकड़े गए तो स्वाभाविक है. जो 1200 के लगभग छापे मंत्री ने मारे और उसमें जुगल किशोर और अन्य जो डिपो के सदस्य शामिल थे. उन्होंने किस किससे कितना कितना रुपया छापे की आड़ में लिया या छापे के कार्रवाई को वापस सही करने के नाम से लिए. ये बात तो जांच होनी चाहिए और मैं समझता हूं कि किरोड़ी जी जो अपने आपको कट्टर ईमानदार कहते हैं. उन्होंने आज की तारीख तक ये शब्द भी क्यों नहीं बोला कि हां ये गलत हुआ, चोरी हुई है. मेरे डिपार्टमेंट के लोगों ने की है. मेरे द्वारा नियुक्त किए गए व्यक्ति ने की है तो मेरा धर्म बनता है कि मैं मुख्यमंत्री जी को चिट्ठी लिखूं. 500 करोड़ का खेला बीज और खाद के कारोबार में लोगों ने कर दिए.

मंत्री जी की जिम्मेदारी बनती है कि उनके ऊपर कोई आरोप ना लगे तो उन्हें मुख्यमंत्री जी को आगे चलकर जांच करवाने के लिए कहना चाहिए था. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि मंत्री जी आप तो हमारे यहां ईडी की रेड करा रहे थे. 2 करोड़ 43 लाख रुपए पकड़ने के बाद भी आपके यहां ईडी की कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए?

उन्हें कहा कि सीकर में जो संदीप और रोहिताश्व जिनके खिलाफ़ एफआईआर हुई, जिन्होंने मंत्री जी के नाम से ओएसडी बन करके पैसे मांगे. उन दोनों के साथ जब वो सीकर में थे, तो जुगल किशोर जो रंगे हाथों पकड़ा गया, वो जुगल किशोर भी उनके साथ में था. जुगल किशोर थाने में भी साथ में गया है. उन दोनों व्यक्तियों के कार्मिकों के जिनके लिए मंत्री जी कहते हैं कि ये मेरे डिकाय के मेंबर थे. जुगल किशोर 2 दिन वहां होटल में रुका. जुगल किशोर एसपी ऑफिस में गया है और वो ये कह रहा है, मैंने मंत्री जी से फ़ोन करा दिया. एफआइआर लॉज हो जाएगी. उन्होंने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कभी आप आरएएस की बात कर देते हो, कभी ओबीसी की बात कर देते हो, कभी कोई दूसरी बात कर देते हो. 

मुझे कोई दिक्कत नहीं है. जिस एजेंसी से सरकार जांच कराना चाहे कराए. मुझे किसी से कोई दिक्कत नहीं है. सरकार ने पहले भी जांच कराई है. जिस परिपत्र का 2019 का ये हवाला दे रहे हैं वो परिपत्र नहीं है, वो एक चिट्ठी थी.

बेटे और परिवार पर आरोपों पर किरोड़ी को जवाब

किरोड़ी के आरोपों पर डोटासरा ने कहा कि 2021 में आरपीएससी को सरकार को इसका स्पष्टीकरण दे दिया है. 1999 से लेकर अब तक ओबीसी का वो ही नियम है, जो नियम 1999 से लेकर के भारत सरकार और राजस्थान सरकार ने किया है. अगर किसी ने भी कोई गलत काम किया है, कोई गलत सर्टिफिकेट या गलत कोई संसाधन हथियार किए हैं. नौकरी लेने के लिए तो उसकी सरकार उसकी जांच करें. मंत्री जी को 5 साल बाद में ये राग अलपाने की आवश्यकता नहीं थी. मैं समझता हूं कि उन्होंने अपने ऊपर इस बात को पर्सनली ले लिया कि मेरे डिपार्टमेंट के खिलाफ़ डोटासरा कैसे बोला. इसलिए इसको हम लोग बदनाम कैसे करे? गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मेरे बारे में, बच्चों के बारे में या रिलेटिव के बारे में क्या जांच करानी है वो बता दीजिए. कोई दिक्कत नहीं है और आपकी तो सरकार है साहब आप मुख्यमंत्री को धमकी दे रहे हैं की सीमा मत लांघिए, लक्ष्मण रेखा मत लांघिए. इससे आपकी कमजोरी साबित होती है.